गंगा प्लान

अंतिम नवीनीकृत : सोमवार, Jul 20 2020 10:00AM

राष्ट्रीय नदी/झील संरक्षण कार्यक्रम

देश की प्रमुख नदियाँ म्यूनिस्पिल सीवेज, औद्योगिक कचरे तथा मृत जानवरों आदि से प्रदूषित हो रही हैं। गंगा नदी में हो रहे प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से फरवरी 1985 में माननीय प्रधान मंत्री, भारत सरकार की अध्यक्षता में, ‘केन्द्रीय गंगा प्राधिकरण’ का गठन कर ‘गंगा कार्य योजना’ (गंगा एक्शन प्लान) के नाम से एक योजना प्रारम्भ की गयी। उत्तर प्रदेश राज्य में गंगा कार्य योजना हेतु नगर विकास विभाग नोडल विभाग है तथा उत्तर प्रदेश जल निगम, नगर निगम/नगर परिषद तथा जल संस्थान कार्यदायी संस्थायें हैं।

गंगा कार्य योजना (प्रथम चरण):-

गंगा कार्य योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के तट पर स्थित 6 नगर क्रमशः हरिद्वार-ऋषिकेश (अब उत्तरांचल राज्य में), फर्रुखाबाद-फतेहगढ़, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी तथा मिर्जापुर को सम्मिलित किया गया।

गंगा कार्य योजना प्रथम चरण में रू. 184.84 करोड़ की कुल 106 परियोजनाओं में से जल निगम द्वारा कोर सेक्टर की 56 परियोजनायें रू. 160.84 करोड़ की लागत से निर्मित की गयी जिसमें प्रदेश के 5 नगरों में गंगा नदी में प्रवाहित होने वाले कुल 646.30 एम.एल.डी. सीवेज में से 349.50 एम.एल.डी. क्षमता के 9 सीवेज ट्रीटमेंट प्लान्ट भी निर्मित किये गये । इनके अतिरिक्त इन नगरों में 27 पम्पिंग स्टेशन, 13 शवदाह गृह, 12 कम लागत के शौचालय तथा 8 नदी घाटों का विकास कार्य भी किया गया।

गंगा कार्य योजना (द्वितीय चरण) :-

गंगा कार्य योजना के प्रथम चरण के संतोषजनक परिणामों को देखते हुए गंगा नदी तथा उसकी मुख्य सहायक नदियों यमुना एवं गोमती के तट पर स्थित कुल 23 नगरों (प्रथम चरण के 5 नगरों को सम्मिलित करते हुए) में, भारत सरकार द्वारा वर्ष 1993 मे गंगा कार्य योजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत प्रदूषण नियन्त्रण के कार्य प्रस्तावित किये गये । गंगा कार्य योजना के द्वितीय चरण में तीन घटक क्रमशः गंगा कार्य योजना घटक, यमुना कार्य योजना घटक, गोमती कार्य योजना घटक हैं। भारत सरकार द्वारा गंगा कार्य योजना (द्वितीय चरण) के लिये कुल 216 परियोजनायें स्वीकृत की गयी स्वीकृत परियोजनाओं में से बिजनौर शहर की 3 परियोजनायें व वाराणसी नगर की एक परियोजना ड्राप की गयी एवम् शेष 212 में से 208 परियोजनाओं के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। वर्तमान में 4 परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर है।

गंगा घटक के अन्तर्गत 35.56 एम.एल.डी. क्षमता के 4 नग, यमुना कार्य योजना प्रथम चरण के अन्तर्गत 402.79 एम.एल.डी. क्षमता के 16 नग, द्वितीय चरण में 54 एम.एल.डी. क्षमता के 2 नग एवं गोमती कार्य योजना प्रथम चरण में 47 एम.एल.डी. क्षमता के 2 नग एवम् द्वितीय चरण में 345 एम.एल.डी. क्षमता का 1 सीवेज शोधन संयंत्र निर्मित कर चालू किया जा चुका है। इस प्रकार गंगा कार्य योजना द्वितीय चरण के तीनों घटकों में 884.35 एम.एल.डी. क्षमता के 25 नग सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट निर्मित किये गये हैं।

इस प्रकार गंगा कार्य योजना में 34 नग सीवेज शोधन संयंत्रों का निर्माण कर कुल 1233.85 एम.एल.डी. शोधन क्षमता विकसित की गई।

राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (एन.जी.आर.बी.ए.):-

भारत सरकार द्वारा पूर्व संचालित राष्ट्रीय नदी संरक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न कार्य योजनाओं के उद्देश्यों में सुधार करते हुए इनके क्रिन्यान्वयन की रणनीति में सुधार कर गंगा नदी को प्रदूषण से मुक्त करने हेतु माननीय प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण का गठन भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 20.02.2009 द्वारा गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी का दर्जा देते हुये, इनवायरमेन्टल प्रोटेक्शन एक्ट-1986 के अन्तर्गत किया गया है। राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (एन.जी.आर.बी.ए.) के अन्तर्गत वर्ष 2020 तक घरेलू अवजल को गंगा में गिरने से रोकने हेतु राज्य स्तर पर उत्तर प्रदेश राज्य गंगा नदी संरक्षण प्राधिकरण’ का गठन माननीय मुख्य मंत्री जी की अध्यक्षता में किया गया है। गंगा नदी उत्तर प्रदेश राज्य में लगभग 900 किमी. दूरी तय करती है। फतेहगढ़ के निकट रामगंगा नदी एवम् कन्नौज के निकट काली नदी के मिलने पर गंगा नदी में प्रदूषण की मात्रा बढ़ जाती है। इसी प्रकार गंगा नदी के किनारे बसे मुख्य नगरों यथा कानपुर, इलाहाबाद व वाराणसी के घरेलू सीवेज के कारण भी कन्नौज से वाराणसी तक का क्षेत्र प्रदूषण की दृष्टि से क्रिटिकल हो गया है। प्रथमतः गंगा नदी के किनारे 26 नगर एवम् इसकी मुख्य सहायक काली नदी के किनारे 3 एवं रामगंगा नदी के किनारे 2 नगरों को चिन्हित किया गया है। यमुना नदी पर स्थित 10 नगरो व गोमती नदी पर स्थित तीन नगरों को प्रथम चरण में सम्मिलित नहीं किया गया है।

एन.जी.आर.बी.ए./नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत इलाहाबाद नगर की 10 योजनायें, वाराणसी नगर की 2 योजनायें, कानपुर नगर की 3 योजनायें, मुरादाबाद नगर की 2 परियोजनायें, आगरा नगर की 2 परियोजनायें तथा कन्नौज, गढ़मुक्तेश्वर, अनूपशहर, नरौरा, वृन्दावन, रामनगर, चुनार, उन्नाव, शुक्लागंज, बिठूर, गाजीपुर, मिर्जापुर, फतेहगढ़-फरूर्खाबाद, मथुरा, अयोध्या, कासगंज, सुल्तानपुर, मुजफ्फरनगर, बुड़ाना, जौनपुर, मेरठ, बागपत, इटावा, फिरोजाबाद, बरेली एवं लखनऊ नगर की एक-एक परियोजना का अनुमोदन प्राप्त हुआ है। इस प्रकार कुल 45 परियोजनायें जिनकी कुल लागत रु. रु. 10288.40 करोड़ है, स्वीकृत हुयी हैं । एन.जी.आर.बी.ए./नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत 345.50 एम.एल.डी. क्षमता के 13 सीवेज शोधन संयंत्र निर्मित किये जा चुके है एवं 964.29 एम.एल.डी. क्षमता के 39 सीवेज शोधन संयंत्र एवं 11 डीसेन्ट्रालाईज़्ड निर्माणाधीन है। कुल अवमुक्त धनराशि रु. 2548.24 करोड़ के सापेक्ष रु. 2548.24 करोड़ व्यय हो चुका है (संलग्नकः-1)। इस वित्तीय वर्ष 2019-20 हेतु रु. 1531.94 करोड़ का बजट प्राविधानित है। उक्त 45 योजनाओं में से 16 योजनायें पूर्ण, 21 योजनायें निर्माणाधीन तथा 08 योजनायें निविदा की प्रक्रिया में हैं।

उल्लेखनीय है कि एन.एम.सी.जी., भारत सरकार द्वारा गंगा की अन्य सहायक नदियों के किनारे स्थित 33 नगरों के नालों के आई.एंड डी. कार्य व सीवेज शोधन संयंत्र निर्माण हेतु योजना विरचन कराकर निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है जिसमें से 20 योजनायें विरचित कर एस.जी.आर.सी.ए., लखनऊ के माध्यम से एन.एम.सी.जी., भारत सरकार को अनुमोदन हेतु प्रेषित की गयी हैं। विरचन एवम् स्वीकृत योजनाओं की स्थिति संलग्नक-2 में इंगित है।

वाह्य सहायतित कार्यक्रम (जे.बी.आई.सी) आगरा जल सम्पूर्ति गंगाजल परियोजना :-

आगरा जल सम्पूर्ति योजना गंगाजल (वाह्य सहायतित-जायका) अपर गंगा कैनाल के पालरा हैंडवर्क्स, जिला बुलन्दशहर से आगरा तक 130 किमी. पाइप लाइन द्वारा आगर शहर को 140 क्यूसेक एवम् मथुरा शहर को 10 क्यूसेक कुल 150 क्यूसेक कच्चा जल लाकर जल सम्पूर्ति से सम्बन्धित अन्य कार्य को सम्पादित किया जाना है। योजना के प्रारंभिक आगणन की कुल लागत रु. 1076.98 करोड़ थी, जो मार्च, 2007 में स्वीकृत हुई थी। योजना के डी.पी.आर. अनुमानित लागत रु. 2887.92 करोड़ को प्रदेश की व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था जिसे शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार में प्रोजेक्ट के वित्तीय एवं तकनीकी परीक्षण के उपरान्त दिनांक 04.07.2012 को पुनरीक्षित लागत के अनुसार स्वीकृति प्रदान की गयी है। पुनरीक्षित लागत के सापेक्ष ऋण वृद्धि पर भारत सरकार व जायका के मध्य ऋण अनुबंध मार्च, 2014 को निष्पादित किया जा चुका है। योजना की लागत का 85 प्रतिशत जायका से ऋण के रूप में तथा 15 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाना है। योजना में मुख्य रूप से सिकन्दरा, आगरा में 144 एम.एल.डी. क्षमता के वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट, इनटेक वर्क्स, सेटलिंग टैंक, आगरा एवम् मथुरा शहरों हेतु फीडर मेंन तथा वर्तमान में स्थिति वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट के जीर्णोद्धार के कार्य प्राविधानित है। वर्तमान में पलरा सैटलिंग टैंक तथा सिंकंदरा आगरा में 144 एम.एल.डी. वाटर ट्रीटमेन्ट का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। कुल अवमुक्त धनराशि रु. 2562.00 करोड़ के सापेक्ष रु. 2426.58 करोड़ का व्यय वर्तमान तक हो चुका है। इस वित्तीय वर्ष 2019-20 हेतु रु. 235.00 करोड़ के बजट का प्राविधान किया गया है।

झील प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम:-

माननीय प्रधान मंत्री, भारत सरकार की अध्यक्षता में दिनांक 13.03.2001 को हुई राष्ट्रीय नदी संरक्षण प्राधिकरण की बैठक में लिये गये निर्णय के क्रम में प्रदेश में निम्नलिखित झीलों/तालों की योजनायें प्रस्तावित की गयी हैं ।

1. रामगढ़ ताल (गोरखपुर नगर) 2. मानसीगंगा ताल (गोवर्धन नगर- जनपद-मथुरा) 3. लक्ष्मी ताल (झांसी नगर) 4. मदनसागर ताल (महोबा नगर)

उपर्युक्त चार तालों में गोवर्धन नगर (जनपद- मथुरा) के मानसी गंगा ताल के प्रदूषण नियंत्रण कार्यों के प्राक्कलन, अनुमानित लागत रु. 22.71 करोड़, की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा मार्च 2007 में प्रदत्त है, योजना में 2.76 एम.एल.डी. क्षमता के एस.टी.पी. का निर्माण एवम् अन्य कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। योजना स्थानीय निकाय को संचालन एवम् रखरखाव हेतु हस्तान्तरित है।

रामगढ़ ताल (गोरखपुर नगर) की योजना भारत सरकार, पर्यावरण एवम् वन मंत्रालय द्वारा स्वीकृत, स्वीकृत लागत रु. 124.32 करोड़ व पुनरीक्षित स्वीकृत लागत रू. 196.57 करोड़ है। योजना के अन्तर्गत 2 नग एस.टी.पी. क्षमता 15 एवम् 30 एम.एल.डी. का निर्माण पूर्ण है, सीवेज का शोधन हो रहा है। योजना की अद्यतन भौतिक प्रगति 99.40 प्रतिशत है। कुल अवमुक्त धनराशि रु. 195.91 करोड़ के सापेक्ष रु. 190.15 करोड़ व्यय हो चुका है। योजना के अन्तर्गत स्वीकृत न्यूट्रीयन्ट इन एक्टिवेशन, गार्डन एरिया, स्नैक ज्वांइट, आब्जरवेशन टावर तथा पैडल बोटस के कार्य को समाप्त तथा एरियेशन सिस्टम के सापेक्ष फ्लोटिंग फॉउन्टेन की स्थापना की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो गयी है तथा योजना को पूर्ण किये जाने की समय-सीमा, दिसम्बर, 2020 तक की वृद्धि की गयी है।

लक्ष्मी ताल (झांसी) की परियोजना की स्वीकृति भारत सरकार के पत्र संख्या जे-16011 /3/2003-एनआरसीडी-।। दिनांक 07/10.11.2014 द्वारा रु. 54.13 करोड़ प्रदान की गयी है जिसमें भारत सरकार का अंश रु. 37.89 करोड़ है। योजना में प्रस्तावित 26 एम.एल.डी. सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट निर्माणाधीन है। कुल अवमुक्त धनराशि रु. 48.66 करोड़ के सापेक्ष योजना पर रु. 41.17 करोड़ व्यय हुआ है। योजना की भौतिक प्रगति 78 प्रतिशत है।

झील संरक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत इस वित्तीय वर्ष 2019-20 हेतु कुल रु. 33.17 करोड़ का बजट प्राविधानित है।

संलग्नकः-1

एन.जी.आर.बी.ए. कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वीकृत परियोजनायें (31.03.2020)

(रु. करोड़ में)

क्र.सं.

योजना का नाम

स्वीकृत लागत

सीवेज शोधन संयंत्र की क्षमता (एमएलडी)

अन्य प्रस्तावित कार्य

भौतिक प्रगति
(%)

इलाहाबाद

1

सीवरेज एंड नान सीवरेज वक्र्स, इलाहाबाद

305.34

 नैनी            20
नुमायाडाही  50
कोडरा         25
पोंघट          10

1. सीवर लाइन- 14.2 किमी.
2. पुरानी सीवर का
जीर्णोद्धार   - 5.72 किमी.
3. सीवेज पम्पिंग स्टेशन - 3 नग
4. पुराने एसपीएस. का जीर्णोद्धार- 4 नग

 

 

100%

2

इन्टरसेप्टर सीवर/ब्रांच सीवर इन डिस्ट्रिक्ट-ई, इलाहाबाद

142.00

 

1. सीवर लाइन- 109 किमी.
2. सीवेज पम्पिंग स्टेशन -1 नग

 

100%

3

14 एम.एल.डी. सलोरी एस.टी.पी. (डिस्ट्रिक्ट-सी) का निर्माण, इलाहाबाद

42.40

सलौरी      14

 

 

100%

4

सीवर का कार्य - डिस्ट्रिक्ट-सी, इलाहाबाद

170.95

 

1. सीवर लाइन- 135 किमी.
2. सीवेज पम्पिंग स्टेशन अपग्रेडेशन -1 नग

 

100%

5

सीवरेज डिस्ट्रिक्ट-ए, इलाहाबाद

299.39

 

1. सीवर लाइन- 240.6 किमी.
2. सीवर लाइन (ट्रेंचलेस) - 1.75 किमी.
3. सीवेज पम्पिंग स्टेशन - 3 नग

 

100%

6

सीवरेज डिस्ट्रिक्ट-बी , इलाहाबाद

300.84

 

1. सीवर लाइन- 214 किमी.
2. सीवेज पम्पिंग स्टेशन - 1 नग

 

100%

7

आई.एंड डी. वर्क्स ऑफ झूँसी, फाफामऊ एवम् नैनी की योजना, इलाहाबाद

767.60

नैनी        42
फाफामऊ   14
झूँसी       16

1. एस.पी.एस. - 07 नग
2. नाला टैपिंग - 20 नग
3. राइजिंग मेंन - 3220 मी.
4. सीवर - 16408 मी.
5. एफ्यूएन्ट चैनल - 4.10 किमी.

        7.0%

8

15 वर्षों के संचालन एवम् रखरखाव की योजना, इलाहाबाद

904.15

 

एस.टी.पी. की जीर्णोद्धार - 06 नग
एस.पी.एस. की जीर्णोद्धार - 10 नग

        5.0%

9

इन्टरसेप्टर सीवर/ब्रांच सीवर इन डिस्ट्रिक्ट-ई, इलाहाबाद (अति. कार्य)

52.78

 

1. सीवर लाइन- 42.658 किमी.
2. सीवर लाइन (ट्रेंचलेस) - 0.73 किमी.
3. मेनहोल - 1551 नग
4. हाउस कनेक्टिंग चैम्बर - 1760 नग

100%

वाराणसी

1

जायका सहायतित गंगा कार्य योजना फेज-।।, वाराणसी

496.90
/ 641.19

सथवा      140

1. सीवर लाइन- 18 किमी.
2. राइजिंग मेंन - 10.95 किमी.
3. सीवेज पम्पिंग स्टे. का पुनर्रोद्धार-5 नग

 

97.90%

 

2

50 एम.एल.डी. एसटीपी रमना वाराणसी

151.00

  रमना       50

 

81%

गढ़मुक्तेश्वर

1

एस.टी.पी. एव सीवरेज कार्य की योजना, गढ़मुक्तेश्वर

46.51

गढ़ जोन      6 
ब्रजघाट जोन  3

1. सीवर लाइन - 69 किमी.

 

100%

 

 

बिठूर

1

सीवरेज योजना बिठूर

13.40

बिठूर       2.4

1. एस.टी.पी. - 2.4  एम.एल.डी - 1 नग
2.  नाला टैपिंग - 7 नग

100%

कन्नौज

1

एस.टी.पी. एव सीवरेज कार्य की योजना, कन्नौज

43.66

तिरवा रोड   1

1. सीवर लाइन- 62 किमी.
2. राइजिंग मेंन - 1.1 किमी.
3. सीवेज पम्पिंग स्टेशन - 1 नग

 

100%

कानपुर

1

सीवरेज डिस्ट्रिक्ट-1 कानपुर

430.49

 

1. सीवर लाइन- 101.882 किमी.
2. सीवर लाइन (ट्रेंचलेस) - 3.76 किमी.
3. सीवर नेटवर्क पुनरोद्धार- 299.656 किमी.
4. सीवर क्लीनिंग - 290.253 किमी.
5. मेनहोल जीणोद्धार - 11152 नग
6. हाउस सर्विस चैम्बर - 14149 नग
7. एस.पी.एस. - 4 नग

77%

2

आई एण्ड डी आंफ सीसामउ एवं अन्य 5 नाले कानपुर

63.80

 

1. नाला टैपिंग - 4 नग
2. नाला टैपिंग जीणोद्धार - 3 नग
3. सीवर लाइन - 1.63 किमी.
4. सीवर क्लीनिंग - 4.2 किमी.
5. एस.पी.एस. - 3 नग
6. राइजिंग मेन - 3.36 किमी.

100%

3

आई एण्ड डी एंड आई.सी.आई. नाला और एस.टी.पी. का कार्य, पनका, कानपुर

967.23

 

1.  एस.टी.पी. - 30 एम.एल.डी - 1 नग
2. आई.पी.एस. एंड एस.पी.एस. का रखरखाव का कार्य
3. ग्रेविटी मेंन - 16 किमी.
4. राइजिंग मेंन - 0.5 किमी.
5. 15 वर्षों के एस.टी.पी. व एस.पी.एस. का रखरखाव का कार्य

7%

मिर्जापुर

1

आई.एंड डी. एवं एस.टी.पी. निर्माण योजना, मिर्जापुर

114.93

मिर्जापुर    17

1. नाला टैपिंग - 18 नग
2. ट्रंक सीवर - 1.009 किमी.
3. नया एस.पी.एस - 1 नग
4. पुराने एस.पी.एस. की जीर्णोद्धार - 1 नग
5. नया लिफ्ट स्टेशन - 1 नग
6. आई.पी.एस. की जीर्णोद्धार - 1 नग

निविदा को Not recommended कर एस.एम.सी.जी. द्वारा एन.एम.सी.जी. को प्रेषित। AA&ES पुनरीक्षित किया जाना है।  डी.पी.आर. को पुनः पुनरीक्षित किया जा रहा है।

गाजीपुर

1

आई.एंड डी. एवं एस.टी.पी. निर्माण योजना, गाजीपुर

90.82

गाजीपुर   21

1. एम.पी.एस. - 1 नग
2. राइजिंग मेंन - 50 मी.
3. ट्रीटेड एफ्लूएन्ट चैनल - 1000मी.

निविदा को Not recommended कर एस.एम.सी.जी. द्वारा एन.एम.सी.जी. को प्रेषित। AA&ES पुनरीक्षित किया जाना है।  डी.पी.आर. को पुनः पुनरीक्षित किया जा रहा है।

चुनार

1

चुनार नगर में फिकल स्लज मैनेजमेन्ट का कार्य

2.70

 

10 के0एल0डी0 - सैप्टेज मनैजमेन्ट कार्य

      27.00%

मुरादाबाद

1

रामगंगा नदी के प्रदूषण नियंत्रण की योजना, मुरादाबाद

279.91

रामगंगा ब्रिज  58

1. सीवर लाइन- 264 किमी
2. राइजिंग मेंन - 6.5 किमी
3. सीवेज पम्पिंग स्टेशन - 11 नग

 

97.79%

2

रामगंगा नदी के प्रदूषण नियंत्रण की योजना, मुरादाबाद फेज-2

118.69

रामगंगा ब्रिज  25

एस.पी.एस.
आई.एंड डी. कार्य

दिनांक 29-02.2020 को M/s GA Infra Pvt.Ltd, Jaipur JV M/s  Lahoty Buildcon Ltd, Jaipur को एल.ओ.ए. जारी ।

अनूपशहर

1

एस.टी.पी. का अपग्रेडेशन एव सीवरेज कार्य की योजना, अनूपशहर

75.79

जोन-ए    1.5
जोन-बी    1.0

1. सीवर लाइन- 58.87 किमी.
2. सीवेज पम्पिंग स्टेशन - 2 नग

 

100%

नरौरा

1

एस.टी.पी. एव सीवरेज कार्य की योजना, नरौरा

48.45

नरौरा       4.0

1. सीवर लाइन- 21.033 किमी.
2. सीवेज पम्पिंग स्टेशन - 3 नग

 

        100%

फर्रूखाबाद-फतेहगढ़

1

आई.एंड डी. एवं एस.टी.पी. निर्माण योजना, फर्रूखाबाद

213.62

फर्रूखाबाद   33

1. नाला टैपिंग - 3 नग
2. एस.पी.एस. - 1 नग
3. पुराने एस.पी.एस. का रेनवेशन - 2नग
4. राइजिंग मेंन - 230 मी.
5. ट्रीटेड एफ्लूएन्ट चैनल - 1500 मी.

निविदा को Not recommended कर एस.एम.सी.जी. द्वारा एन.एम.सी.जी. को प्रेषित। AA&ES पुनरीक्षित किया जाना है। डी.पी.आर. को पुनः पुनरीक्षित किया जा रहा है।

शुक्लागंज

1

आई.एंड डी. एवं एस.टी.पी. निर्माण योजना, शुक्लागंज

65.18

शुक्लागंज   06

1. नाला टैपिंग - 1 नग
2. एस.पी.एस. - 1 नग
3. सीवर लाइन - 380 मी.
4. राइजिंग मेंन - 60 मी.
5. एफ्लूएन्ट चैनल - 460 मी.

M/S Shapoorji Pallonji and Company Pvt. Ltd. Mumbai के साथ अनुबन्ध गठित। रख-रखाव से संबंधित कार्यों का आंशिक हस्तान्तरण कान्ट्रैक्टर द्वारा प्राप्त किया गया है।

उन्नाव

1

आई.एंड डी. एवं एस.टी.पी. निर्माण योजना, उन्नाव

102.20

उन्नाव    13

1. नाला टैपिंग - 1 नग
2. एस.पी.एस. - 1 नग
3. सीवर लाइन - 3200 मी.
4. राइजिंग मेंन - 850 मी.
5. एफ्लूएन्ट चैनल - 300 मी.

 

5.00%

 

रामनगर

1

आई.एंड डी. एवं एस.टी.पी. निर्माण योजना, रामनगर

71.26

रामनगर  10

1. नाला टैपिंग - 4 नग
2. एस.पी.एस. - 1 नग
3. सीवर लाइन - 380 मी.
4. राइजिंग मेंन - 60 मी.
5. एफ्लूएन्ट चैनल - 460 मी.

 

30.00%

वृन्दावन-मथुरा

1

एस.टी.पी. एवं एस.पी.एस. का अपग्रेडेशन एवं जीणोद्धार की योजना वृन्दावन

30.00

 

1. नाला टैपिंग - 1 नग
2. एस.पी.एस. जीणोद्धार - 4 नग
3. एस.टी.पी. अपग्रेडेशन - 4 एम.एल.डी.
4. राइजिंग मेन 400 एम.एम. - 2300 मीटर

100.00%

मथुरा

1

एस.टी.पी. एवं एस.पी.एस. का अपग्रेडेशन एवं जीणोद्धार की योजना मथुरा

460.45

 

1. एस.पी.एस. जीणोद्धार - 4 नग
2. एस.टी.पी. अपग्रेडेशन - 4 नग
3. राइजिंग मेन - 12.73 किमी.
4. एस.टी.पी. - 30 एम.एल.डी.

52.27%

अयोध्या-फैजाबाद

1

अयोध्या नगर, जनपद-फैजाबाद में आई एण्ड डी. कार्य

37.67

 

1.  आई.एंड डी. कार्य
2. सीवर लेइंग गोलाघाट से राजघाट आई.पी.एस. तक
3. आई.पी.एस. का निर्माण
4. राइजिंग मेंन कार्य

100.00%

बरेली नगर

1

बरेली नगर, में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

271.39

बिलास्पुर - 41
चैबरी - 20
छोटी विहार- 1
एयर फोर्स-1

1. आई.एंड डी. कार्य
2. राइजिंग मेंन
3. एम.पी.एस. का निर्माण

एन.एम.सी.जी.  के पत्र दिनांक 11.09.2019 द्वारा निविदा रद्द की गयी। एस.टी.पी. निर्माण हेतु भूमि का चयन कर लिया गया है। जिलाधिकारी बरेली ने अपने पत्र दिनांक 11.11.2019 द्वारा भ-उपयोग परिवर्तन करने हेतु प्रमुख सचिव, राजस्व अनुभाग-1, लखनऊ से अनुरोध किया गया है एवं चैबारी नाले हेतु एस0टी0पी0 निर्माण हेतु भूमि क्रय किया जाना है जिसका प्राक्कलन धनावंटन हेतु उ0प्र0 शासन को प्रेषित।

कासगंज

1

कासगंज नगर, में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

76.73

कासगंज - 15

1. आई.एंड डी. कार्य
2. राइजिंग मेंन
3. एम.पी.एस. का निर्माण
4. स्टाफ क्वाटर

16.75%

 

सुल्तानपुर

1

सुल्तानपुर नगर, में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

64.76

सुल्तानपुर - 5 + 2

1. आई.एंड डी. कार्य
2. राइजिंग मेंन
3. एम.पी.एस. का निर्माण

2.0%

आगरा

1

आगरा नगर के सीवरेज योजनाओं के पुनरोद्धार का कार्य

857.26

आगरा – 100+35+31

1. आई.एंड डी. कार्य
2. राइजिंग मेंन
3. एम.पी.एस. का निर्माण
4. सम्प का निर्माण कार्य

आगरा में पूर्व निर्मित सीवरेज कार्यों के 10 वर्ष के अनुरक्षण एवं रखरखाव हेतु, शासन के पत्र दिनांक 11.06.2019 के द्वारा आदेश दिये गये है। एन.एम.सी.जी. के पत्र दिनांक 08.07.2019 को नये मानक के अनुसार निविदा में आवश्यक संशोधन करते हुये पुनः निविदा आमंत्रित करने के निर्देश प्राप्त हुये है जल निगम द्वारा प्रस्तावित 2 प्रस्ताव में प्रथम प्रस्ताव एस.एम.सी.जी. द्वारा दि0 04.11.2019 को स्वीकृत की गयी । प्राक्कलन को पुनरीक्षित कर एन एम.सी.जी. को प्रेषित ।

2

आगरा नगर, पार्ट-।।, में आई.एंड डी. एवं 15 वर्षों का रखरखाव का कार्य

317.19

 

1. एम.पी.एस. का निर्माण
2. एस.पी.एस. का निर्माण
3. 15 वर्षों के रखरखाव का कार्य

मुजफ्फरनगर

1

मुजफ्फरनगर नगर में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

231.79

मुजफ्फरनगर- 22

1. आई.एंड डी. कार्य
2. राइजिंग मेंन
3. एम.पी.एस. का निर्माण

दिनांक 13.02.2020 को M/sGA Infra Pvt.Ltd, Jaipur JV M/s Buildcon Ltd, Jaipur को एल.ओ.ए. जारी ।

बुड़ाना

1

बुड़ाना नगर में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

48.76

बुड़ाना - 10

1. आई.एंड डी. कार्य
2. राइजिंग मेंन
3. नेटवर्क लेइंग
4. एम.पी.एस. का निर्माण

दिनांक 13.02.2020 को M/sGA Infra Pvt.Ltd, Jaipur JV M/s Buildcon Ltd, Jaipur को एल.ओ.ए. जारी ।

जौनपुर

1

जौनपुर नगर में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

206.05

जौनपुर - 30

1. आई.एंड डी. कार्य
2. राइजिंग मेंन
3. एम.पी.एस. का निर्माण
4. एस.पी.एस. का निर्माण

6.0%

मेरठ

1

मेरठ नगर में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

681.78

मेरठ - 200
अबु नाला - 14

1. आई.एंड डी. कार्य
2. राइजिंग मेंन
3. एम.पी.एस. का निर्माण

योजना की रि-कास्टिंग की जा रही है तथा अगामी एक माह में नया डी0पी0आर0 विरचन कर एन.एम.सी.जी को प्रेषित की जायेगी।

बागपत

1

बागपत नगर में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

77.36

बागपत - 14

1. आई.एंड डी. कार्य
2. राइजिंग मेंन
3. एम.पी.एस. का निर्माण

दिनांक 7.12.2019 को मेसर्स0  इन्डासो कन्सट्रक्शन को एल.ओ.ए. जारी। Soil Testing एवं सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण। Hyadarulic design & Drawing का कार्य प्रक्रिया में।

इटावा

1

इटावा नगर में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

140.60

इटावा - 21

1. आई.एंड.डा. का निर्माण
2. एम.पी. एस. का निर्माण

21.75 %

फिरोजाबाद

1

फिरोजाबाद नगर में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

51.08

 

1. आई.एंड.डा. का निर्माण
2. एम.पी. एस. का निर्माण

        9.25 %

लखनऊ

1

लखनऊ नगर में आई एण्ड डी. एवं एस.टी.पी. के कार्य

298.12

लखनऊ – 39+1

एम.पी.एस.

वन सिटी वन आपरेटर के अन्तर्गत लखनऊ में पूर्व निर्मित सीवरेज कार्यों के 10 वर्ष के अनुरक्षण एवं रखरखाव हेतु मेसर्स SUEZ को शासन के पत्र दिनांक 11.06.2019 के द्वारा नामित किया गया है। डी.पी.आर. पुनरीक्षित करने के उपरान्त, पुनरीक्षित AA&ES दिनांक 24.01.2020 जारी। पुनः निविदा दिनांक 17.03.2020 को आंमंत्रित की गयी है, जिसे दिनांक 24.04.2020 खेली जायेगी।

योग

10288.40

 

 

 

संलग्नकः-2

33 कस्बों में फैली गंगा नदी की 10 सहायक नदियों की मलजल परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का विवरण

  • राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को 20-डीपीआर भेजी गई (12 स्वीकृत, 3 विचाराधीन तथा 5 पुनिरीक्षण के अधीन हैं)
  • उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा 3 डी पी आर तैयार की जा रही हैं
  • अन्य योजनाओं में संतृप्त/ली गई/वांछित नहीं -10


क्रम संख्या   नदी नगर अभ्युक्तियाँ
1 1. यमुना 1- काल्पी राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को डीपीआर भेजी गई
2 2- लोनी राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को डीपीआर भेजी गई, उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा पुनिरीक्षण  के अधीन
3 3- औरैया नदी में मलजल नहीं पहुंचता
4 4- कैराना राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को डीपीआर भेजी गई, उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा पुनिरीक्षण  के अधीन
5 5- इटावा डीपीआर स्वीकृत
6 6- बागपत डीपीआर स्वीकृत
7 7- टूंडला नदी में मलजल नहीं पहुंचता
8 8- फ़िरोजाबाद डीपीआर स्वीकृत
9 2. हिंडन 1- सहारनपुर उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा डी पी आर तैयार की जा रही है 
10 2- मुजफ्फरनगर डीपीआर स्वीकृत
11 3- खोरा नगर में मानक अनुरूप जलापूर्ति सुविधा उपलब्ध नहीं
12 4- मुरादनगर उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा डी पी आर तैयार की जा रही है 
13 3. काली 1- मेरठ डी पी आर स्वीकृत
14 2- हापुड़ राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को डी पी आर भेजी गई
15 3- देवबंद राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को डी पी आर भेजी गई , उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा पुनिरीक्षण के अधीन
16 4- मोदी नगर अमृत योजना में प्रस्तावित
17 5- बुढाना डी पी आर स्वीकृत
18 6- अतरौली मलजल नदी में नहीं पहुंचता
19 4.  रामगंगा 1- बरेली डी पी आर स्वीकृत
20 2- मुरादाबाद डी पी आर स्वीकृत
21 3- स्योहरा बीओडी बहुत कम है | राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा डी पी आर पर विचार नहीं किया गया |
22 5. गोमती 1- सुलतानपुर डीपीआर स्वीकृत
23 2- जौनपुर डीपीआर स्वीकृत
24 3-लखनऊ डीपीआर स्वीकृत
25 6. सई 1- राय बरेली अमृत योजना में प्रस्तावित
26 2- हरदोई अमृत योजना में प्रस्तावित
27 3- प्रतापगढ़ मलजल उपचार संयंत्र निर्मित
28 7. घाघरा 1- फैजाबाद (अयोध्या) डीपीआर स्वीकृत
29 2- टांडा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को डी पी आर भेजी गई, उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा पुनिरीक्षण के अधीन
30 8. केन 1- बांदा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को डी पी आर भेजी गई
31 9. राप्ती 1- गोरखपुर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को डी पी आर भेजी गई, उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा पुनिरीक्षण के अधीन
32 2- बलरामपुर वांछित नहीं
33 10. बेतवा 1- झांसी उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा डी पी आर तैयार की जा रही है

नदी प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम:-

गंगा कार्य योजनाः-

प्रथम चरणः- प्रदेश के 5 नगरों में 56 परियोजनायें रू. 160.84 करोड़ की लागत से पूर्ण की गयी जिनमें 349.50 एम.एल.डी. क्षमता के 9 सीवेज ट्रीटमेंट प्लान्ट भी निर्मित किये गये । इनके अतिरिक्त इन नगरों में 27 पम्पिंग स्टेशन, 13 शवदाह गृह, 12 कम लागत के शौचालय तथा 8 नदी घाटों का विकास कार्य भी किया गया।

द्वितीय चरणः- द्वितीय चरण में तीन घटक क्रमशः गंगा कार्य योजना घटक, यमुना कार्य योजना घटक, गोमती कार्य योजना घटक हैं। गंगा कार्य योजना (द्वितीय चरण) के लिये कुल 216 परियोजनायें स्वीकृत की गयी जिनमें से बिजनौर शहर की 3 परियोजनायें व वाराणसी नगर की एक परियोजना ड्राप की गयी एवम् शेष 212 में से 208 परियोजनाओं के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। वर्तमान में 4 परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर है।

गंगा घटक के अन्तर्गत 35.56 एम.एल.डी. क्षमता के 4 नग, यमुना कार्य योजना प्रथम चरण के अन्तर्गत 402.79 एम.एल.डी. क्षमता के 16 नग, द्वितीय चरण में 54 एम.एल.डी. क्षमता के 2 नग एवं गोमती कार्य योजना प्रथम चरण में 47 एम.एल.डी. क्षमता के 2 नग एवम् द्वितीय चरण में 345 एम.एल.डी. क्षमता का 1 सीवेज शोधन संयंत्र निर्मित कर चालू किया जा चुका है। इस प्रकार गंगा कार्य योजना द्वितीय चरण के तीनों घटकों में 884.35 एम.एल.डी. क्षमता के 25 नग सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट निर्मित किये गये हैं।

राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण/नमामि गंगे:-

एन.जी.आर.बी.ए./नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत इलाहाबाद नगर की 10 योजनायें, वाराणसी नगर की 2 योजनायें, कानपुर नगर की 3 योजनायें, मुरादाबाद नगर की 2 परियोजनायें, आगरा नगर की 2 परियोजनायें तथा कन्नौज, गढ़मुक्तेश्वर, अनूपशहर, नरौरा, वृन्दावन, रामनगर, चुनार, उन्नाव, शुक्लागंज, बिठूर, गाजीपुर, मिर्जापुर, फतेहगढ़-फरूर्खाबाद, मथुरा, अयोध्या, कासगंज, सुल्तानपुर, मुजफ्फरनगर, बुड़ाना, जौनपुर, मेरठ, बागपत, इटावा, फिरोजाबाद, बरेली एवं लखनऊ नगर की एक-एक परियोजना का अनुमोदन प्राप्त हुआ है। इस प्रकार कुल 45 परियोजनायें जिनकी कुल लागत रु. 10288.40 करोड़ है। एन.जी.आर.बी.ए./नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत 345.50 एम.एल.डी. क्षमता के 13 सीवेज शोधन संयंत्र निर्मित किये जा चुके है एवं 964.29 एम.एल.डी. क्षमता के 39 सीवेज शोधन संयंत्र एवं 11 डीसेन्ट्रालाईज़्ड निर्माणाधीन है। कुल अवमुक्त धनराशि रु. 2548.24 करोड़ के सापेक्ष रु. 2548.24 करोड़ व्यय हो चुका है। इस वित्तीय वर्ष 2019-20 हेतु रु. 1531.94 करोड़ का बजट प्राविधानित है। उक्त 45 योजनाओं में से 16 योजनायें पूर्ण, 21 योजनायें निर्माणाधीन तथा 08 योजनायें निविदा की प्रक्रिया में हैं।

उल्लेखनीय है कि एन.एम.सी.जी., भारत सरकार द्वारा गंगा की अन्य सहायक नदियों के किनारे स्थित 33 नगरों के नालों के आई.एंड डी. कार्य व सीवेज शोधन संयंत्र निर्माण हेतु योजना विरचन कराकर निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है जिसमें से 20 योजनायें विरचित कर एस.जी.आर.सी.ए., लखनऊ के माध्यम से एन.एम.सी.जी., भारत सरकार को अनुमोदन हेतु प्रेषित की गयी थी जिनका अनुमोदन (फैजाबाद-अयोध्या नगर, मुरादाबाद, सुल्तानपुर, मुजफ्फरनगर, जौनपुर, बागपत, कासगंज, मेरठ, बुढ़ाना, बरेली एवम् फिरोजाबाद नगर) प्राप्त हो चुका है जो एन.जी.बार.बी.ए./नमामि गंगे की कुल स्वीकृत 45 योजनाओं में सम्मिलित है।

वाह्य सहायतित कार्यक्रम (जे.बी.आई.सी):-

आगरा जल सम्पूर्ति योजना गंगाजल (वाह्य सहायतित-जायका) अपर गंगा कैनाल के पालरा हैंडवर्क्स, जिला बुलन्दशहर से आगरा तक 130 किमी. पाइप लाइन द्वारा आगर शहर को 140 क्यूसेक एवम् मथुरा शहर को 10 क्यूसेक कुल 150 क्यूसेक कच्चा जल लाकर जल सम्पूर्ति से सम्बन्धित अन्य कार्य को सम्पादित किया जाना है। योजना के प्रारंभ आगणन की कुल स्वीकृत लागत रु. 1076.98 करोड़ थी, जिसका विस्तृत सर्वेक्षण एवम् तकनीकी डिजाइन के उपरान्त तैयार किये गये डी.पी.आर. की पुनरीक्षित लागत रु. 2887.92 करोड़ प्रदेश की व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित है जिस हेतु ऋण वृद्धि पर भारत सरकार व जायका के मध्य ऋण अनुबंध मार्च, 2014 को निष्पादित किया जा चुका है। योजना में मुख्य रूप से सिकन्दरा, आगरा में 144 एम.एल.डी. क्षमता के वाटर ट्रीटमेनट प्लान्ट, इनटेक वक्र्स, सेटलिंग टैंक, आगरा एवम् मथुरा शहरों हेतु फीडर मेंन तथा वर्तमान में स्थिति वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट के जीर्णोद्धार के कार्य प्राविधानित है। वर्तमान में पलरा सैटलिंग टैंक तथा सिंकंदरा आगरा में 144 एम.एल.डी. वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। कुल अवमुक्त धनराशि रु. 2562.00 करोड़ के सापेक्ष रु. 2426.58 करोड़ का व्यय वर्तमान तक हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2019-20 हेतु रु. 235.00 करोड़ के बजट का प्राविधान किया गया है।

झील प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम:-

उक्त कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रस्तावित चार तालों में से गोवर्धन नगर (जनपद- मथुरा) के मानसी गंगा ताल के प्रदूषण नियंत्रण कार्यों स्वीकृत लागत रु. 22.71 करोड़, के कार्य पूर्ण हैं, रामगढ़ ताल (गोरखपुर नगर) की योजना स्वीकृत लागत रु. 124.32 करोड़ व पुनरीक्षित स्वीकृत लागत रू. 196.57 करोड़, कुल अवमुक्त धनराशि रु. 195.91 करोड़ के सापेक्ष रु. 190.15 करोड़ व्यय, भौतिक प्रगति 99.40 प्रतिशत है। लक्ष्मी ताल (झांसी) की परियोजना स्वीकृत लागत रु. 54.13 करोड़ में प्रस्तावित 26 एम.एल.डी. सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट निर्माणाधीन है। कुल अवमुक्त धनराशि रु. 48.66 करोड़ के सापेक्ष योजना पर रु. 41.17 करोड़ व्यय हुआ है। योजना की भौतिक प्रगति 78 प्रतिशत है। जनपद महोबा की मदन सागर ताल परियोजना की स्वीकृति राज्य सरकार से अपेक्षित है।

झील संरक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत इस वित्तीय वर्ष 2019-20 हेतु कुल रु. 33.17 करोड़ का बजट प्राविधानित है।