नागर जल सम्पूर्ति

अंतिम नवीनीकृत : शनिवार, Jul 18 2020 2:33PM

प्रदेश में कुल 652 नागर स्थानीय निकाय हैं, जिनकी 2011 की जनगणना के आधार पर जनसंख्या 4.45 करोड़ है, जो प्रदेश की कुल जनसंख्या 19.96 करोड़ का लगभग 22 प्रतिशत है। उक्त 653 नगरों में पेयजल सुविधा की वर्तमान स्थिति निम्न प्रकार हैः
निकाय नगरो में पाइप पेयजल आपूर्ति की की स्थिति
  कुल आच्छादित
नगर निगम 17 17
नगर पालिका परिषद 198 197
नगर पंचायत 437 428
योग 652 642

अनास्छादित नगरो का नाम

  • खोड़ा मकनपुर नगर पालिका परिषद, गाजियाबाद
  • हर्रा नगर पंचायत, मेरठ
  • सिकन्दरा राव नगर पंचायत, हथरस
  • साकित नगर पंचायत, ऐटा
  • अगवनपुर नगर पंचायत, मुरादाबाद
  • पकबडा नगर पंचायत, मुरादाबाद
  • रोजा नगर पंचायत, शाहजाहापुर
  • बेलहरा नगर पंचायत, बाराबंकी
  • रानीगंज नगर पंचायत, प्रतापगढ़
  • माहुल नगर पंचायत, आजमगढ़

नवसृजित 8 नगर पंचायतों हेतु नगरीय मानक के अनुसार प्रति व्यक्ति पेयजल सम्पूर्ति की दरों का विवरण निम्न तालिका में दिया जा रहा:-


क्र.सं. नगरों का
जनसंख्यावार वर्गीकरण
पेयजल आपूर्ति का  निर्धारित मानक (लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन) मानक के अनुसार नगरों की संख्या सीवर व्यवस्था युक्त नगरों की संख्या
1. 10 लाख से अधिक 150 7 7
2. 1 लाख से अधिक (तथा जिन नगरो में सीवर व्यवस्था है अथवा संभावित है) 135 54

277
314
31
3. 20 हजार से 1 लाख तक 135*/70 19
4. 20 हजार से कम 135*/70 1

 

योग   652 58

जलोत्सारण हेतु

1. राज्य सेक्टर कार्यक्रम

प्रदेश के विभिन्न नगरों में पेयजल आपूर्ति में सुधार हेतु राज्य सेक्टर कार्यक्रम के अन्तर्गत नगरीय निकायों हेतु अनुदान के रूप में धनराशि उपलब्ध करायी जाती है। इस योजना के अन्तर्गत परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृति व्यय वित्त समिति/परियोजना संरचना एवं मूल्यांकन प्रभाग, उ0प्र0 शासन द्वारा प्रदान की जाती है। परियोजना का चयन एवं विरचन कार्य सम्बन्धित निकाय की सहमति से जल निगम द्वारा किया जाता है।

वर्ष 2019-20 में 62 निमार्णाधीन योजनाओं के विरूद्ध रू0 14.61 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियाॅं शासन द्वारा निर्गत की गई हैं। वर्ष 2019-20 में 57 योजनाओं में से 12 योजनायें पूर्ण कर जनोपयोगी बनायी गयी। वर्ष 2019-20 में 26 नयी स्वीकृत योजनायें सम्मिलित करते हुए कुल 77 योजनाओं के विरूद्ध 31 मार्च, 2020 तक रू.61.22 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियाँ जारी हुई हैं तथा कुल वित्तीय स्वीकृति रू.952.22 करोड़ है एवं उसके विरूद्ध व्यय रू.853.30 करोड़ है। वर्ष 2019-20 में दिनांक 31 जनवरी 2020 तक 09 योजनायें पूर्ण कर जनोपयोगी की जा चुकी हैं। शेष 68 योजनाओं के कार्य प्रगति पर है।

2. जिला योजना नगरीय पेयजल (सामान्य एवं एस0सी0पी0)

जिला योजना के अन्तर्गत स्थानीय आवश्यकतानुसार नगरीय क्षेत्रों में रिबोर/नये हैण्डपम्पों का अधिष्ठापन कार्य, पाइप लाइन विस्तार एवं नलकूपों के रिबोर के कार्य जिलाधिकारी की स्वीकृति से कराये जाते हैं। वर्ष 2019-20 में समस्त 75 जिलों में सामान्य एवं एस0सी0पी0 के अन्तर्गत स्वीकृत योजनाओं पर रू0 100.00 करोड़ की जारी वित्तीय स्वीकृतियों के सापेक्ष भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत एवं रू0 95.23 करोड़ व्यय हुआ है। वर्ष 2019-20 में समस्त 75 जिलों में सामान्य एवं एस0सी0पी0 के अन्तर्गत स्वीकृत योजनाओं पर रू0 100.00 करोड़ की जारी वित्तीय स्वीकृतियों के सापेक्ष भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत एवं रू0 95.50 करोड़ व्यय हुआ।

वर्ष 2018-19 में अवमुक्त धनराशि एवं व्यय का विवरण

धनराशि रू0 करोड़ में

क्र0 सं0 कार्यक्रम/मद का नाम अवशेष धनराशि (01.04.2018) वर्ष 2018-2019 में अवमुक्त धनराशि कुल उपलब्ध धनराशि वर्ष 2018-19 का व्यय अवशेष धनराशि (01.04.2019)
नगरीय पेयजल कार्यक्रम
1 राज्य सेक्टर 56.47 134.30 190.75 160.36 30.43
  योग 56.47 134.30 190.75 160.36 30.43


वर्ष 2019-20 में अवमुक्त धनराशि एवं व्यय का विवरण वर्ष 2019-20 में अवमुक्त धनराशि एवं व्यय का विवरण

धनराशि रू0 करोड़ में

क्र0 सं0 कार्यक्रम/मद का नाम अवशेष धनराशि (01.04.2019) वर्ष 2019-20 में अवमुक्त धनराशि कुल उपलब्ध धनराशि वर्ष 2019-20 का व्यय अवशेष धनराशि (01.04.2020)
नगरीय पेयजल कार्यक्रम
1 राज्य सेक्टर 30.43 61.22 91.65 56.15 35.50
  योग 30.43 61.22 91.65 56.15 35.50


वर्ष 2019-20 में अवमुक्त धनराशि एवं व्यय का विवरण वर्ष 2019-20 में अवमुक्त धनराशि एवं व्यय का विवरण

धनराशि रू0 करोड़ में

क्र0 सं0 कार्यक्रम/मद का नाम अवशेष धनराशि (01.04.2019) वर्ष 2019-20 में अवमुक्त धनराशि कुल उपलब्ध धनराशि वर्ष 2019-20 का व्यय अवशेष धनराशि (01.04.2020)
नगरीय पेयजल कार्यक्रम
1 राज्य सेक्टर 30.43 61.22 91.65 56.15 35.50
  योग 30.43 61.22 91.65 56.15 35.50


नागर जलोत्सारण

प्रदेश में कुल 652 नागर स्थानीय निकाय है, जिनमें जलोत्सारण व्यवस्था की वर्तमान स्थिति निम्न हैः-

निकाय

कुल नगर

नगर जिनमें सीवर व्यवस्था है

नगर जिनमें सीवर व्यवस्था नहीं है

नगर निगम

17

15

*1

नगर पालिका परिषद

198

45

154

नगर पंचायत

437

3

434

योग

652

63

589


  • झाँसी भौगोलिक स्थिति सीवर नेटवर्क के लिए उत्तम नही है।
  • शाहजहाँपुर में सीवर की योजना  स्वीकृत की जा चुकी है एवं निविदा की कार्यवाही प्रगति पर है।

उपरोक्त सभी 64 नगरों में आंशिक रूप से ही सीवर व्यवस्था उपलब्ध है तथा पूर्ण रूप से सीवर व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु कार्यवाही करायी जा रही हैं।

1- राज्य सेक्टर कार्यक्रम

वर्ष 2018-19 में 34 निर्माणाधीन योजनाओं के विरूद्ध रू.965.17 करोड़ की स्वीकृतियाँ शासन द्वारा निर्गत की गयी हैं। वर्ष 2017-18 में 34 योजनाओं में से 08 योजनायें पूर्ण कर जनोपयोगी बनायी गयी। वर्ष 2019-20 में 01 नयी स्वीकृत योजनायें सम्मिलित करते हुए कुल 27 योजनाओं के विरूद्ध 31 मार्च, 2020 तक रू. 77.14 करोड़ की स्वीकृतियाँ जारी हुई हैं, तथा कुल वित्तीय स्वीकृति रू. 437.77 करोड़ है एवं उसके विरूद्ध व्यय रू. 355.41 करोड़ है। वर्ष 2020-21 में 31 मार्च, 2020 तक 05 योजनायें पूर्ण कर जनोपयोगी की जा चुकी हैं। शेष 22 योजनाओं के कार्य प्रगति पर है।

नागर जल निकासी

1- राज्य सेक्टर कार्यक्रम

वर्ष 2018-19 में 12 निर्माणाधीन योजनाओं के विरूद्ध रू. 28.79 करोड़ की स्वीकृतियाॅं शासन द्वारा निर्गत की गयी हैं। वर्ष 2018-19 में 12 योजनाओं में से 02 योजनायें पूर्ण कर जनोपयोगी बनायी गयी। वर्ष 2019-20 में 19 योजनाओं के विरूद्ध 31 मार्च, 2020 तक रू. 27.82 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियाॅं जारी हुई हैं। कुल वित्तीय स्वीकृति रू. 150.74 करोड़ है एवं उसके विरूद्ध व्यय रू. 118.00 करोड़ है।

वर्ष 2018-19 में अवमुक्त धनराशि एवं व्यय का विवरण

धनराशि रू0 करोड़ में

क्र0 सं0

कार्यक्रम/मद का नाम

अवशेष धनराशि (01.04.2018)

वर्ष 2018-2019 में अवमुक्त धनराशि

कुल उपलब्ध धनराशि

वर्ष 2018-19 का व्यय

अवशेष धनराशि (01.04.2019)

 क.  नगरीय जलोत्सारण कार्यक्रम

1

राज्य सेक्टर

83.47

91.71

175.18

73.40

101.78

 

योग

83.47

91.71

175.18

73.40

101.78

 ख.   नगरीय जलोत्सारण कार्यक्रम

1

राज्य सेक्टर

18.68

28.79

47.47

23.76

23.71

 

योग

18.68

28.79

47.47

23.76

23.71

वर्ष 2019-20 में अवमुक्त धनराशि एवं व्यय का विवरण

धनराशि रू0 करोड़ में

क्र0 सं0

कार्यक्रम/मद का नाम

अवशेष धनराशि (01.04.2018)

वर्ष 2018-2019 में अवमुक्त धनराशि

कुल उपलब्ध धनराशि

वर्ष 2018-19 का व्यय

अवशेष धनराशि (01.04.2019)

 क.  नगरीय जलोत्सारण कार्यक्रम

1

राज्य सेक्टर

101.78

52.14

178.92

55.34

123.58

 

योग

101.78

52.14

178.92

55.34

123.58

 ख.   नगरीय जलोत्सारण कार्यक्रम

1

राज्य सेक्टर

23.71

27.82

51.53

10.79

40.74

 

योग

23.71

27.82

51.53

10.79

40.74



अमृत Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation (AMRUT)

राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में शहरी परिवारों को बुनियादी सेवाए (जलापूर्ति, सीवरेज, शहरी परिवहन इत्यादि) उपलब्ध कराये जाने के उदेश्य से शहरी विकास भारत सरकार द्वारा केन्द्र पुरोनिधानित योजना के रूप में दिनांक 25.6.2015  को अमृत योजना प्रारम्भ की गयी है जिसमें एक लाख की जनसंख्या से अधिक के नगरीय निकाय चयनित किये गये है। प्रदेश के 60 नगरीय निकाय इस योजना में  आच्छादित है, योजना की अवधि 2015-2020 (5 वर्ष) की है।

योजना के अन्तर्गत जलापूर्ति एवं सीवरेज तथा सेप्टेज प्रबंधन का योजना की अवधि में सार्वभौमिक अच्छादीकरण (Universal Coverage) करना है।

अमृत कार्यक्रम के अन्तर्गत पेयजल, जलोत्सारण जलनिकासी एवं ठोस कुड़ा प्रबन्धन के प्राक्कलन विरचन व निर्माण के कार्य सम्पादित कराये जाने हेतु उ. प्र. जल निगम/सी.एण्ड.डी.एस. को नामित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए जलापूर्ति हेतु रू. 1519.19 करोड,़ जलोत्सारण हेतु रू.1697.62 करोड़ एवं हरित भूमि एवं पार्क हेतु रु 70.45 करोड़ कुल रु 3287.26 करोड़ के स्टेट एनुवल एक्शन प्लान (SAAP) का भारत सरकार के स्तर पर गठित 5th APEX कमेटी द्वारा दिनांक  05.12.2015 को अनुमोदन प्रदान किया गया है। स्वीकृत SAAP के आधार पर भारत सरकार द्वारा केन्द्रांश की कुल धनराशि रु 1409.60 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रुप में 20% धनराशि रु. 281.81 करोड़ दि. 28.12.2015 को राज्य सरकार को उपलब्ध करा दी गयी है। 31/03/2020 तक पेयजल एवं जलोत्सारण मद में केन्द्रांश रू0 2335.78 करोड़ एवं राज्यांश रू. 774.96 करोड़ कुल रू. 3110.74 करोड़ अवमुक्त किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए जलापूर्ति हेतु रू. 2017.42 करोड, जलोत्सारण हेतु रू. 1795.84 करोड़़ एवं हरित भूमि एवं पार्क हेतु रु 81.90 करोड़ कुल रु 3895.16 करोड़ के SAAP का भारत सरकार के स्तर पर गठित 10th APEX कमेटी द्वारा दिनाँक 14.06.2016 को अनुमोदन प्रदान किया गया है। स्वीकृत SAAP के आधार पर भारत सरकार द्वारा केन्द्रांश की कुल धनराशि रु 1638.00 करोड़ का 20% प्रथम किश्त के रुप में धनराशि रु. 327.60 करोड़ दि. 08.08.2016 को राज्य सरकार को उपलब्ध करा दी गयी है। 31.03.2020 तक पेयजल एवं जलोत्सारण मद में केन्द्रांश रू0 685.15 करोड़ एवं राज्यांश रू. 504.15 करोड़ कुल रू. 1189.30 करोड़ अवमुक्त किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2017-20 के लिए रू. 4145.48 करोड़ की धनराशि के सापेक्ष जलापूर्ति हेतु रू. 1996.02 करोड़, जलोत्सारण हेतु रू. 2149.46 करोड़ का भारत सरकार के स्तर पर गठित 17वीं एपेक्स कमेटी द्वारा दिनांक 15.03.2017 को अनुमोदित किया जा चुका है। सैप 2017-20 मे 31.03.2020 तक पेयजल एवं जलोत्साण मद मे केन्द्रांश रू. 528.10 करोड़ एवं राज्यांश रू. 353.76 करोड़ कुल रू. 881.86 करोड़ अवमुक्त किया जा चुका है।

तीनो सैप वर्ष मे अब तक कुल अवमुक्त धनराशि रू. 3847.12 करोड़ के विरूद्ध रू. 2844.86 करोड़ व्यय हुआ तथा लगभग रू. 5.33 लाख पेयजल गृह संयोजन एवं रू. 4.57 लाख सीवर गृह संयोजन हेतु उपलब्ध कराये जा चुके है।

उत्तर प्रदेश सैप की अद्यतन स्थितिः

पेयजल एवं जलोत्सारण हेतु सम्पूर्ण सैप, रू0 11175.55 करोड़ के सापेक्ष एस.एल.टी.सी. से रू0 12794.46 करोड़ की 298 परियोजनायें स्वीकृत की गयी है। जिसमें से रू0 12253.04 करोड़ की 286 परियोजनायें एस.एच.पी.एस.सी. से स्वीकृत की गयी हैं। रू0 10746.52 करोड़ की वित्तीय स्वीकृत जारी हो चुकी हैं और रू0 9926.78 करोड़ की निविदायें स्वीकृत हो चुकी है। कुल 244 परियोजनाओं पर रू. 2844.86 करोड़ का व्यय हो चुका है। (विवरण संलग्न)