सीवरेज सिस्टम

अंतिम नवीनीकृत : शनिवार, Jul 16 2022 3:38PM

नागर जलोत्सारण

प्रदेश में कुल 734 नागर स्थानीय निकाय है, जिनमें जलोत्सारण व्यवस्था की वर्तमान स्थिति निम्न हैः-

निकाय कुल नगर नगर जिनमें सीवर व्यवस्था है नगर जिनमें सीवर व्यवस्था नहीं है
नगर निगम 17 16 *1
नगर पालिका परिषद 194 46 148
नगर पंचायत 523 3 520
योग 734 65 669

झाँसी भौगोलिक स्थिति सीवर नेटवर्क के लिए उत्तम नही है।

उपरोक्त सभी 65 नगरों में आंशिक रूप से ही सीवर व्यवस्था उपलब्ध है तथा पूर्ण रूप से सीवर व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु कार्यवाही करायी जा रही हैं।

राज्य सेक्टर कार्यक्रम

मार्च 2022 तक कुल 31 जलोत्सारण योजनाओं के सापेक्ष रू.758.47 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियॉं शासन द्वारा निर्गत की गई हैं। जिसमें से 17 योजनाओं का सम्पूर्ण कार्य पूर्ण कर जनोपयोगी किया गया है तथा शेष 14 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। शासन से अवमुक्त रू0 658.07 करोड़ के सापेक्ष रू0 583.87 करोड़ व्यय किया गया है।

अमृत(अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन)

अमृत 2.0

मा0 प्रधानमंत्री भारत सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी योजना अमृत 2.0 का शुभारम्भ 2 अक्टूबर 2021 को किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से वर्ष 2025 तक प्रदेश के नगरीय क्षेत्र के समस्त नागरिकों को पाइप पेयजल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल से आच्छादित किये जाने का सकल्प लिया गया। शासनादेश सं0- 76/नौ-5-2022-4सा/2022 दि0 6 जनवरी 2022 द्वारा उ0प्र0 जल निगम को पेयजल एवं सीवरेज कार्य हेतु कार्यदायी संस्था नामित किया गया।

उपरोक्त कार्यक्रम अन्तर्गत समस्त नगरीय निकायों के सिटी वाटर बैलेन्स प्लान तथा सिटी वाटर एक्शन प्लान उ0प्र0 जल निगम द्वारा नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारी के सम्पर्क स्थापित कर  ससमय तैयार कर भारत सरकार की वेबसाइट पर अपलोड़ किया गया। भारत सरकार द्वारा प्रदेश हेतु आवंटित की गयी प्रथम किस्त की धनराशि रू0 8000 करोड़ के सापेक्ष पेयजल एवं जलोत्सारण की 101 परियोजनाये लागत धनराशि रू0 7362.27 करोड़ प्रस्तुत की गयी। शासनाके कार्यालय ज्ञाप सं0- 77/नौ-5-2022-4सा/2022 दि0 11 जनवरी 2022 द्वारा मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति का गठन किया गया। दिनांक 09.03.2022 को समिति द्वारा प्रथम बैठक मे 101 परियोजनाओं की स्वीकृति लागत रू0 7361.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी जिसके सापेक्ष विस्तृत प्राक्कलन विरचन की कार्यवाही प्रगति पर है।

स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण निम्नानुसार है:-

क्रमांक योजना का प्रकार योजनाओं की संख्या अनुमोदित  लागत (करोड़ में)
1 पेयजल आपूर्ति 92 5068-91
2 जलोत्सारण योजना 19 2292-88

उपरोक्त 101 योजनाओ मे 25 योजनाएं 100 दिन से 06 माह हेतु तथा शेष 76 योजनाओ को 06 माह से 01 वर्ष की अवधि मे प्रारम्भ किये जाने हेतु लक्षित किया गया है।

स्वच्छ भारत मिशन नगरीय 2.0

स्वच्छ भारत मिशन नगरीय 2.0 के अन्तर्गत 1 लाख से कम आबादी वाले नगरों में जलोत्सारण हेतु शासनादेश सं0-91/नौ-5- 2022-03सा/2022 दिनांक 06.01.2022 उ0प्र0 जल निगम(नगरीय) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इस कार्यक्रम अन्तर्गत प्रथम चरण में 112 नगरों का चयन किया गया है। धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण नगरों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए 37 नगरों के सिटी सैनिटेशन एक्शन प्लान रू0 697.45 करोड़ पूर्ण करा लिया गया है जिसकी स्वीकृति आगामी राज्य स्तरीय तकनीकि समिति के समक्ष अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किया जाना प्रस्तावित है। योजना की वित्त पोषण निम्नानुसार निर्धारित किया गया है:-

  1. केन्द्रांश                                      50 प्रतिशत
  2. राज्यांश                                     33 प्रतिशत
  3. यू0एल0बी0 अंश                       17 प्रतिशत

संचालन एवं अनुरक्षण कार्य-(एस0टी0पी0)

एक शहर एक संचालक सिद्धान्त पर प्रदेश के 14 नगरों में कुछ 1135.30 एम0एल0डी0 क्षमता के 29 एस0टी0पी0 व तत्सम्बधित कार्यों का संचालन एवं अनुरक्षण कार्य प्राइवेट एजेन्सी के माध्यम से कराये जा रहे हैं तथा जल निगम द्वारा इनका पर्यवेक्षण किया जाता है। कार्य लागत पर 10 प्रतिशत की दर से पर्यवेक्षण शुल्क जल निगम को प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त जल निगम द्वारा 559.05 एम0एल0डी0 कुल क्षमता के 23 एस0टी0पी0 व तत्सम्बन्धित कार्यों का संचालन एवं अनुरक्षण कार्य जल निगम द्वारा कराये जा रहे हैं। संचालन एवं अनुरक्षण कार्यों पर वास्तविक व्यय की प्रतिपूर्ति शासन द्वारा की जाती है।