उत्तर प्रदेश जल निगम के बारे में

अंतिम नवीनीकृत : शनिवार, Feb 23 2019 6:00PM

प्रदेश में जल सम्पूर्ति एवं जलोत्सारण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 1927 में जन स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का गठन किया गया था। वर्ष 1946 में इसका नाम स्वायत्त शासन अभियंत्रण विभाग कर दिया गया। जून 1975 में यह विभाग उत्तर प्रदेश जल संभरण तथा सीवर व्यवस्था अधिनियम 1975 (अधिनियम संख्या-43, 1975) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश जल निगम में परिवर्तित किया गया। उ.प्र. जल निगम 18 जून 1975 में अस्तित्व में आया। इस अधिनियम के अनुसार जल निगम का कार्य क्षेत्र पूरा उत्तर प्रदेश (कौंटोन्मेन्ट क्षेत्र को छोड़कर) है। इसके सृजन का मूल उद्देश्य पेयजल एवं सीवरेज सेवाओं का विकास एवं विनियमन इससे संबंधित विषय हैं।